एनालॉग पनीर
प्रदेशभर में नकली (एनालॉग) पनीर के क्रय, विक्रय एवं संग्रह पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कोरबा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाए जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा लगातार विभिन्न डेयरी एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया जा रहा है हालांकि जिले में अभी तक कही भी नकली पनीर बरामद नहीं हुआ है खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान नकली/एनालॉग पनीर का क्रय, विक्रय, संग्रह अथवा उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।विभाग ने जिले के सभी हलवाई, कैटरर्स एवं शादी, भोज तथा अन्य सामूहिक आयोजनों में भोजन तैयार करने वाले संचालकों को भी निर्देशित किया है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का पालन करते हुए व्यवसाय संचालित करें तथा किसी भी स्थिति में नियमों का उल्लंघन न करे । खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं नकली अथवा एनालॉग पनीर के उपयोग, बिक्री या संग्रह की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई कर आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बता दें कि एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कम कीमत के कारण बाजार में इसकी खपत तेजी से बढ़ी है।
स्लग- पूरे प्रदेश में नकली (एनालॉग) पनीर पर प्रतिबंध
